Hartalika teej 2023 varat pooja vidhi जाने केसे करे । पूजा तीज व्रत कथा नियम।

हरतालिका तीज2023:     पूजा हिन्दू धर्म में माता पार्वती की पूजा के रूप में मनाई जाती है, और यह व्रत नेपाल और उत्तर भारत में खासकर महिलाएं करती हैं। इस व्रत को तीज के नाम से भी जाना जाता है !     क्योंकि यह तीन दिनों तक मनाया जाता है और इसका महत्व विशेष रूप से सुन्दर संगीत, रंग, और खास भोजन के साथ मनाया जाता है। महूर्थ:   हरतालिक तीज का महूर्थ तीन दिनों का होता हैजो भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। यह तीन दिन होते हैं आदिक तीज, मध्यम तीज, और आखिरी तीज। प्रात:काल तीज का पूजा अभिषेक और आरती के साथ किया जाता है। पूजा विधि: पूजा की तैयारी के लिए पूजा स्थल को सजाकर सजाना चाहिए।पूजा में शिव परिवार की मूर्तियों को स्थापित करना चाहिए, जैसे कि भगवान शिव, माता पार्वती, और गणेश। पूजा करने के लिए गंगा जल, दूध, दही, घी, फूल, फल, और पूजा सामग्री की तैयारी करनी चाहिए। पूजा में भगवान शिव की मूर्ति को पानी से अभिषेक करना चाहिए, और फिर गंगा जल से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए। माता पार्वती की मूर्ति का भी सिंगार करना चाहिए और पूजा करना चाहिए। पूजा के बाद, व्रत कथा की पाठशाला करना चाहिए, जिसमें हरतालिक तीज की कथा सुनाई जाती है। व्रत कथा के पश्चात्, आरती गान करनी चाहिए और प्रसाद बाँटना चाहिए। व्रत कथा: हरतालिक तीज की कथा माता पार्वती और भगवान शिव के प्यार की कथा है, जिसमें माता पार्वती ने उपवास करके भगवान शिव को प्राप्त किया था। कथा में उनके प्रेम और ववायम दर्शाया जाता है और यह व्रत माता पार्वती के पति की लंबी आयु और सुख-संपत्ति की प्राप्ति के लिए किया जाता है। इस तरह से, हरतालिक तीज पूजा को मनाने के तरीके में इन मुख्य चरणों को पालन करके भक्त इस पवित्र त्योहार को मनाते हैं।                         

Hartalika Teej 2023: , 
Teej Hartalika Puja: हरतालिका तीज की पूजा सायंकाल में की जाती है. सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में पूजा का मुहूर्त यहां जानिए. साथ ही जानिए भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा कैसे करें !                                                                                   Hartalika Teej Shubh Muhurt: .
In 2023, Hartalika Teej: पति की लंबी आयु और स्वस्थ जीवन के लिए हर साल देश में हरतालिका तीज का व्रत रखा जाता है. इस दिन विवाहित महिलाओं के साथ-साथ अविवाहित कन्याएं भी व्रत करती हैं और भोलेनाथ से मनवांछित वर की कामना करती हैं. Lord Shiva is referred to as - . इस दिन महिलाएं पूरे सोलह श्रृंगार करती हैं और मां पार्वती को सुहाग का सामान अर्पित करती हैं और इससे उनको पति की लंबी उम्र और यश का वर मिलता है. इस बार हरतालिका तीज का व्रत 18 सितंबर यानी सोमवार के दिन रखा जाएगा. यहां जानिए हरतालिका तीज के व्रत और पूजा का शुभ मुहूर्त, साथ ही जानिए पूजा की विधि.Hartalika Teej puja shubh Muhurat
ज्योतिषियों के अनुसार भाद्रपद शुक्ल की तृतीया तिथि 17 सितंबर रविवार की सुबह 11 बजकर 8 मिनट से आरंभ हो रही है. जबकि 18 सितंबर यानी सोमवार के दिन भाद्रपद शुक्ल की तृतीया तिथि दोपहर 12 बजकर 39 मिनट तक चलेगी. जैसा कि कहा जाता है कि व्रत और पर्व उदया तिथि में ही मनाए जाते हैं और इसी लिए हरतालिका तीज का व्रत सोमवार 18 सितंबर को रखा जाएगा. 




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